अपनी समस्या बताइए

अपनी भाषा में बोलिए — मारवाड़ी या हिंदी। लिखने की ज़रूरत नहीं।

आपकी आवाज़ सिर्फ़ गाँव की समस्या समझने और हल करने के लिए रखी जाती है।